भारतीय राजनीति और शासन


भारतीय संविधान का विकास

🔹 ईस्ट इंडिया कंपनी के अंतर्गत

  • रेगुलेटिंग एक्ट 1773
    • ईस्ट इंडिया कंपनी के कार्यों को नियमित करने की दिशा में पहला कदम।
    • बंगाल के गवर्नर को “गवर्नर जनरल” घोषित किया गया।
    • मद्रास और बंबई इसके अधीन आए।
    • 1774 में कलकत्ता में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना।
    • अधिकारियों द्वारा निजी व्यापार और उपहार पर रोक।
  • पिट्स इंडिया एक्ट 1784
    • राजनीतिक नियंत्रण के लिए बोर्ड ऑफ कंट्रोल की स्थापना।
    • द्वैध शासन प्रणाली की शुरुआत।
    • सभी नागरिक, सैन्य और राजस्व गतिविधियों का नियंत्रण।
  • चार्टर एक्ट 1793
    • ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन जारी – अगले 20 वर्षों के लिए कंपनी को भारत में व्यापार और प्रशासनिक अधिकार पुनः दिए गए।
    • गवर्नर जनरल की शक्ति में वृद्धि – बंगाल के गवर्नर जनरल को भारत के अन्य क्षेत्रों के गवर्नर पर नियंत्रण मिला।
    • सेनाओं पर नियंत्रण – सभी प्रेसीडेंसी सेनाओं का अंतिम नियंत्रण गवर्नर जनरल को मिला।
    • भारतीय राजस्व ब्रिटिश सरकार को नहीं जाएगा – कंपनी को अपने लाभ से ब्रिटिश सरकार को वार्षिक 5 लाख पाउंड देना होगा।
  • चार्टर एक्ट 1813
    • कंपनी का व्यापार एकाधिकार समाप्त – भारत के साथ व्यापार अब अन्य ब्रिटिश व्यापारियों को भी अनुमत, लेकिन चीन और चाय के व्यापार पर कंपनी का एकाधिकार बना रहा।
    • शिक्षा के लिए धन – भारतीय शिक्षा हेतु हर साल ₹1 लाख निर्धारित किया गया।
    • धार्मिक प्रचार की अनुमति – ईसाई मिशनरियों को भारत में प्रवेश व प्रचार की अनुमति दी गई।
    • कंपनी का प्रशासनिक अधिकार जारी – प्रशासनिक नियंत्रण कंपनी के पास ही रहा, लेकिन सरकार की निगरानी बढ़ी।
  • चार्टर ऐक्ट 1833
    • व्यापार अधिकार पूर्ण समाप्त – कंपनी का सभी व्यापार पर एकाधिकार समाप्त, अब यह केवल प्रशासनिक निकाय बनी।
    • गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया – अब गवर्नर जनरल ऑफ बंगाल को पूरे भारत का गवर्नर जनरल घोषित किया गया (पहला: लॉर्ड विलियम बेंटिक)।
    • केंद्रीकरण की शुरुआत – प्रेसीडेंसी विधान मंडल को समाप्त कर केंद्रीय विधान मंडल का गठन।
    • भारतीयों को नौकरी में अवसर – भारतीयों को उच्च सरकारी सेवाओं में समान अवसर का वादा (धारा 87)।
    • कानून आयोग की स्थापना – लॉर्ड मैकाले की अध्यक्षता में प्रथम कानून आयोग (Law Commission) का गठन हुआ।

🔹 ब्रिटिश क्राउन के अधीन

  • भारत शासन अधिनियम 1858
    • 1857 के विद्रोह के बाद पारित।
    • ईस्ट इंडिया कंपनी समाप्त।
    • लॉर्ड कैनिंग पहले वायसराय बने।
    • भारत के लिए राज्य सचिव का पद बनाया गया।
  • भारत परिषद अधिनियम 1861
    • कानून निर्माण में भारतीयों को शामिल किया गया।
    • मद्रास-बंबई को फिर से शक्तियाँ दी गईं।
    • पोर्टफोलियो प्रणाली को मान्यता।
    • वायसराय को अध्यादेश का अधिकार।
  • अधिनियम 1892
    • विधान परिषद को बजट पर बहस की अनुमति।
  • अधिनियम 1909 (मॉर्ले-मिंटो सुधार)
    • केंद्रीय व प्रांतीय विधानपरिषदों का विस्तार।
    • मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन।
    • सत्येंद्र प्रसाद सिंहा वायसराय की कार्यपालिका में पहले भारतीय सदस्य।

🔹 आधुनिक सुधार और अंतिम अधिनियम

  • भारत शासन अधिनियम 1919 (मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार)
    • केंद्र-राज्य विषयों का विभाजन।
    • हस्तांतरित और आरक्षित विषय।
    • द्विसदनीय व्यवस्था और प्रत्यक्ष निर्वाचन।
    • केंद्रीय लोक सेवा आयोग की स्थापना (1926)।
    • भारत के लिए उच्चायुक्त का सृजन।
  • सांप्रदायिक अवार्ड 1932
    • रामसे मैकडोनाल्ड द्वारा घोषित।
    • दलितों के लिए पृथक निर्वाचन (गांधी जी का अनशन → पूना समझौता)।
  • भारत शासन अधिनियम 1935
    • अब तक का सबसे विस्तृत अधिनियम (321 धाराएं, 10 अनुसूचियां)।
    • संघीय संरचना, तीन सूचियाँ: संघ, राज्य, समवर्ती।
    • RBI की स्थापना।
    • संयुक्त सेवा आयोग की व्यवस्था।
  • भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947
    • ब्रिटिश राज की समाप्ति (15 अगस्त 1947)।
    • भारत-पाक को डोमिनियन स्टेट्स घोषित किया गया।
    • संविधान सभा को पूरी शक्ति दी गई।
    • भारत सचिव का पद समाप्त।

वन-लाइनर तथ्य

  • प्रारूप समिति = अपवहन समिति (कहा: निराजजुद्दीन अहमद)
  • “संविधाान सभा कांग्रेस है और कांग्रेसी भारत है”ग्रेनविले ऑस्टिन ने कहा
  • संविधान के शेष प्रावधान लागू हुए: 26 जनवरी 1950
  • 26 नवम्बर 1949 को कुछ अनुच्छेद लागू हुए: अनुच्छेद 5, 6, 7, 8, 9, 60, 324, 366, 367, 379, 380, 388, 391, 392, 393 और 394
  • प्रारूप: 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियां
  • संविधान सभा का प्रस्ताव: क्रिप्स मिशन
  • चुनाव: प्रांतीय विधानसभाओं के द्वारा
  • पहली बैठक: 9 दिसम्बर 1946
  • प्रथम प्रारूप: सर बी. एन. राव
  • स्थाई अध्यक्ष: डॉ. राजेंद्र प्रसाद
  • उद्देश्य प्रस्ताव: 13 दिसम्बर 1946, पारित 22 जनवरी 1947
  • कुल अधिवेशन: 12
  • कुल समय: 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन
  • राष्ट्रीय ध्वज: 22 जुलाई 1947 को अपनाया गया
  • राष्ट्रगान: 24 जनवरी 1950
  • संविधान लागू: 26 जनवरी 1950
  • राष्ट्रीय चिन्ह (अशोक स्तंभ): 26 जनवरी 1950 को अपनाया गया।

🏛 संविधान सभा की प्रमुख समितियां एवं संबंधित अध्यक्ष

समितिअध्यक्ष
संघीय संविधान समितिपं. जवाहरलाल नेहरू
मौलिक अधिकार व अल्पसंख्यक समितिसरदार वल्लभभाई पटेल
प्रारूप समितिडॉ. भीमराव अंबेडकर
संचालन समितिडॉ. राजेंद्र प्रसाद
प्रक्रिया नियम समितिडॉ. राजेंद्र प्रसाद
प्रांतीय संविधान समितिसरदार पटेल

🏛 प्रारूप समिति के सदस्य

  • अध्यक्ष: डॉ. बी. आर. अंबेडकर
  • एन. गोपालस्वामी आयंगर
  • डॉ. के. एम. मुंशी
  • बी. एल. मित्रा → बाद में माधवराव
  • अल्लादी कृष्णास्वामी अय्यर
  • सैयद मोहम्मद सादुल्ला
  • डी. पी. खेतान → बाद में टी. टी. कृष्णमाचारी

🏛 अंतरिम सरकार 1946 (प्रमुख सदस्य)

सदस्यविभाग
जवाहरलाल नेहरूराष्ट्रमंडल एवं विदेश मामले
सरदार वल्लभभाई पटेलगृह, सूचना एवं प्रसारण
डॉ. राजेंद्र प्रसादखाद्य एवं कृषि
जगजीवन रामश्रम
सरदार बलदेव सिंहरक्षा
लियाकत अली खांवित्त
सी. राजगोपालाचारीशिक्षा एवं कला
जॉन मथाईउद्योग एवं नागरिक आपूर्ति

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