भारतीय नागरिकता – संविधान, अधिनियम, संशोधन और प्रावधान
🔷 संविधान में नागरिकता (Part II – Article 5 to 11)
| अनुच्छेद | विषयवस्तु |
|---|---|
| अनुच्छेद 5 | संविधान लागू होने पर भारत के नागरिक कौन होंगे – इसकी शर्तें दी गई हैं। |
| अनुच्छेद 6 | पाकिस्तान से आने वाले प्रवासियों को नागरिकता के अधिकार। |
| अनुच्छेद 7 | कुछ प्रवासियों को नागरिकता से वंचित करने की व्यवस्था। |
| अनुच्छेद 8 | विदेश में रह रहे भारतीय मूल के लोगों की नागरिकता का प्रावधान। |
| अनुच्छेद 9 | यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से अन्य देश की नागरिकता ले लेता है तो वह भारतीय नागरिक नहीं रहेगा। |
| अनुच्छेद 10 | भारतीय नागरिकता जारी रखने के अधिकार। |
| अनुच्छेद 11 | संसद को नागरिकता से संबंधित कानून बनाने का अधिकार। |
🏛 नागरिकता अधिनियम, 1955 – नागरिकता प्राप्त करने के 5 तरीके
1️⃣ जन्म से (By Birth):
- 26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 तक भारत में जन्म लेने वाला कोई भी व्यक्ति नागरिक होगा।
- 1 जुलाई 1987 के बाद जन्म लेने वाले व्यक्ति को तभी नागरिक माना जाएगा जब उसके माता या पिता में से एक भारतीय नागरिक हो।
2️⃣ वंश के आधार पर (By Descent):
- यदि 26 जनवरी 1950 से 10 दिसंबर 1992 के बीच भारत के बाहर जन्म हुआ और उसके पिता भारत के नागरिक थे – नागरिकता मिलेगी।
3️⃣ पंजीकरण द्वारा (By Registration):
निम्न लोग पंजीकरण से नागरिकता प्राप्त कर सकते हैं:
- भारतीय मूल के व्यक्ति जो 7 वर्ष से भारत में रह रहे हों।
- भारतीय नागरिक के नाबालिग बच्चे।
- वे व्यक्ति जिनके माता-पिता भारत के नागरिक हों।
- ऐसे व्यक्ति जो अविभाजित भारत के बाहर रह रहे हों।
4️⃣ प्राकृतिक रूप से (By Naturalization):
- उस देश के नागरिक नहीं हो सकते जहाँ भारतीय नागरिक को प्राकृतिक रूप से नागरिकता नहीं मिलती।
- नागरिकता लेने से पहले अन्य देश की नागरिकता त्यागनी होगी।
- 12 महीने से भारत में लगातार निवास और पिछले 14 वर्षों में कम से कम 11 वर्ष भारत में निवास।
5️⃣ क्षेत्र समविष्टि द्वारा (By Incorporation of Territory):
- जब कोई विदेशी क्षेत्र भारत में सम्मिलित होता है तो भारत सरकार उसे भारतीय नागरिक घोषित कर सकती है।
🔻 नागरिकता की समाप्ति के 3 तरीके
| तरीका | विवरण |
|---|---|
| स्वैच्छिक त्याग | नागरिक स्वयं लिखित रूप में नागरिकता छोड़ सकता है। |
| बर्खास्तगी | यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से अन्य देश की नागरिकता ले ले। |
| वंचित करना | सरकार नागरिकता रद्द कर सकती है यदि नागरिकता धोखे से ली गई हो, संविधान का अपमान किया गया हो, विदेशी दुश्मन से संबंध हो या अपराध के चलते 2 वर्ष से अधिक की सजा हो। |
🌐 भारत में एकल नागरिकता (Single Citizenship)
- भारत में अमेरिका और स्विट्ज़रलैंड जैसे देशों की तरह दोहरी नागरिकता (Dual Citizenship) का प्रावधान नहीं है।
✳️ नागरिकता से जुड़े प्रमुख संशोधन अधिनियम
| अधिनियम | विशेषताएँ |
|---|---|
| 2003 | विदेशी भारतीय नागरिकता का प्रावधान लाया गया। |
| 2005 | सभी देशों (पाकिस्तान-बांग्लादेश को छोड़कर) के भारतीय मूल के व्यक्तियों को विदेशी भारतीय नागरिकता दी गई। |
| 2015 | PIO और OCI कार्ड स्कीम का विलय। |
| 2019 | नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019: अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश से आने वाले हिंदू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन, पारसी लोगों को नागरिकता दी गई। |
प्रभावी तिथि: 10 जनवरी 2020
कट-ऑफ तिथि: 31 दिसंबर 2014
📜 प्रवासी भारतीय और संबंधित स्कीमें
🪪 PIO कार्ड (Persons of Indian Origin)
- प्रारंभ: 19 अगस्त 2002
🪪 OCI कार्ड (Overseas Citizen of India)
- प्रारंभ: 1 दिसंबर 2005
विलय: दोनों स्कीमों को 2015 में मिला दिया गया।
❌ विदेशी भारतीय नागरिक के अधिकार (What OCI/PIO Holders Cannot Do)
- भारत में सरकारी नौकरी प्राप्त नहीं कर सकते।
- राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, लोकसभा या राज्यसभा सदस्य नहीं बन सकते।
- न्यायिक पदों के लिए योग्य नहीं।
- मतदान का अधिकार नहीं।
🧾 एल. एम. सिंघवी समिति (2000)
- उद्देश्य: प्रवासी भारतीयों से संबंधित सुझाव देना।
- समिति ने OCI कार्ड की सिफारिश की थी।
