भारत की संसद
भारत की संसद एक दो सदनों वाला विधायिका निकाय है, जिसकी स्थापना औपचारिक रूप से 26 जनवरी 1950 को हुई थी। यह भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है और देश की विधायी शक्ति का केंद्र है।
📜 संवैधानिक आधार
- भाग V (अनुच्छेद 79 से 122): संसद की रचना, अधिकार, प्रक्रिया और विशेषाधिकारों को परिभाषित करता है।
- अनुच्छेद 79: संसद में तीन घटक होते हैं — राष्ट्रपति, राज्यसभा और लोकसभा।
🏛 संसद की संरचना
1. राष्ट्रपति
- संसद का अभिन्न अंग, भले ही वह किसी सदन का सदस्य नहीं होता।
- विधेयकों पर अंतिम स्वीकृति प्रदान करता है।
2. राज्यसभा (उच्च सदन)
- अधिकतम सदस्य: 250 (वर्तमान में 245)
- 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा नामित; 238 सदस्य राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों से।
- कार्यकाल: 6 वर्ष; हर दो वर्ष में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त।
- उपराष्ट्रपति इसके पदेन सभापति होते हैं।
- विशेष शक्तियाँ: अनुच्छेद 249 और 312 के अंतर्गत संसद को विशेष अधिकार देने हेतु प्रस्ताव पारित करना।
3. लोकसभा (निचला सदन)
- अधिकतम सदस्य: 552 (वर्तमान में 543 निर्वाचित)
- सीधे जनता द्वारा निर्वाचित सदस्य।
- कार्यकाल: 5 वर्ष (या इससे पहले भंग)
- लोकसभा अध्यक्ष इस सदन के पीठासीन अधिकारी होते हैं।
- बजट, विश्वास मत, अविश्वास प्रस्ताव आदि की प्रक्रिया यहीं पूरी होती है।
✅ संसद सदस्य बनने की अर्हताएं
- अनुच्छेद 84 के अनुसार:
- भारत का नागरिक होना चाहिए।
- लोकसभा के लिए न्यूनतम आयु: 25 वर्ष
- राज्यसभा के लिए न्यूनतम आयु: 30 वर्ष
- शपथ लेना और अन्य योग्यताएँ संसद द्वारा निर्धारित।
सदस्यता की समाप्ति (Disqualification)
- अनुच्छेद 102 के अनुसार:
- लाभ के पद पर आसीन होना।
- विकृत चित्त होना (मानसिक असंतुलन)।
- दिवालिया घोषित होना।
- नागरिकता समाप्त होना।
- दल-बदल या जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत अयोग्यता।
🗓 संसद सत्र
- बजट सत्र: जनवरी-अप्रैल
- मानसून सत्र: जुलाई-अगस्त
- शीतकालीन सत्र: नवंबर-दिसंबर
- अनुच्छेद 85: दो सत्रों के बीच अधिकतम 6 माह का अंतराल।
🔍 संसद में प्रक्रिया के प्रमुख उपकरण
प्रश्नकाल (Question Hour)
- प्रतिदिन का पहला घंटा
- तारांकित, अतारांकित, अल्प सूचना वाले प्रश्न
शून्यकाल (Zero Hour)
- प्रश्नकाल के बाद
- बिना पूर्व सूचना के तत्काल मुद्दों पर चर्चा
📢 प्रमुख संसदीय प्रस्ताव
| प्रस्ताव | उद्देश्य | सरकार पर असर |
|---|---|---|
| अविश्वास प्रस्ताव | सरकार पर से विश्वास हटाना | पास होने पर मंत्रिपरिषद त्यागपत्र दे |
| निंदा प्रस्ताव | किसी नीति या मंत्री की आलोचना | नैतिक दबाव, त्यागपत्र जरूरी नहीं |
| कटौती प्रस्ताव | बजट मद में कटौती की मांग | आर्थिक नियंत्रण |
| विशेषाधिकार प्रस्ताव | तथ्य छुपाने या ग़लत सूचना देने पर | सदस्य/मंत्री की जवाबदेही तय |
| स्थगन प्रस्ताव | महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हेतु कार्यवाही रोकना | बहस होती है |
| ध्यानाकर्षण प्रस्ताव | सरकार से तत्काल उत्तर की अपेक्षा | केवल वक्तव्य लिया जाता है |
💰 संसद में बजट
- अनुच्छेद 112: वार्षिक वित्तीय विवरण
- अनुच्छेद 110: धन विधेयक
- अनुच्छेद 117: वित्त विधेयक
- अनुच्छेद 115-116: विशेष अनुदान (अनुपूरक, अतिरिक्त, अपवाद आदि)
- बजट 6 चरणों में पास होता है: प्रस्तुति → बहस → समिति → अनुदान → विनियोग → वित्त विधेयक
📘 संसद के विधेयक
- साधारण विधेयक
- संविधान संशोधन विधेयक
- धन विधेयक
- वित्त विधेयक
धन विधेयक केवल लोकसभा में पेश होता है। राष्ट्रपति की सिफारिश अनिवार्य है और राज्यसभा संशोधन नहीं कर सकती।
🔄 संयुक्त बैठक (अनुच्छेद 108)
- दोनों सदनों में गतिरोध होने पर राष्ट्रपति द्वारा बुलाई जाती है।
- अध्यक्षता: लोकसभा अध्यक्ष द्वारा की जाती है।
- धन विधेयक/संविधान संशोधन पर लागू नहीं होती।
📂 संसदीय समितियाँ
स्थायी समितियाँ (Standing Committees)
- हर वर्ष बनाई जाती हैं
- जैसे: वित्त समिति, विभागीय समिति आदि
तदर्थ समितियाँ (Ad Hoc Committees)
- अस्थायी होती हैं
- विशेष कार्य हेतु बनाई जाती हैं
